स्वयं की भूल को कबूल करो, अन्य की भूल को क्षमा करो, हो चुकी भूल का प्रायश्चित करो, पुनः भूल न हो उसका संकल्प करो, कभी भूल कर भी कोई भूल न हो इसकी सावधानी रखो।

स्वयं की भूल को कबूल करो, अन्य की भूल को क्षमा करो, हो चुकी भूल का प्रायश्चित करो, पुनः भूल न हो उसका संकल्प करो, कभी भूल कर भी कोई भूल न हो इसकी सावधानी रखो।

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स्वयं की भूल को कबूल करो, अन्य की भूल को क्षमा करो, हो चुकी भूल का प्रायश्चित करो, पुनः भूल न हो उसका संकल्प करो, कभी भूल कर भी कोई भूल न हो इसकी सावधानी रखो।

हमें अपने जीवन से बहुत कुछ सिखने को मिलता है.यदि हम अपने अतीत में देखेंगे तो हमें बहुत कुछ गलतियां मा आएंगी…उनको अपने जीवन में दोबारा ना दोहरायें…या सीख कर अपने भविष्य को उज्जवल बनायें….

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